Wednesday, April 22, 2015

"तुझको पाने की ये हसरत मेरी
खाक करती है मुझे ये उल्फत मेरी

कई बार दिल का घर जला के बैठा हूँ
फिर भी जिंदा रह जाती है मोहब्बत मेरी!!!"

-शशिष कुमार तिवारी  

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