"तुम सच में भूल गए हो
या बस
दिखावा है प्रिय
क्युकिँ सुना है कि
कल रात
तुम्हारी आँखों में
फिर
प्यार के बरसात आये थे!!!"
-शशिष कुमार तिवारी
(20th April 2015, 1.35am, Delhi)
या बस
दिखावा है प्रिय
क्युकिँ सुना है कि
कल रात
तुम्हारी आँखों में
फिर
प्यार के बरसात आये थे!!!"
-शशिष कुमार तिवारी
(20th April 2015, 1.35am, Delhi)
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