Sunday, April 19, 2015

"तुम सच में भूल गए हो
या बस
दिखावा है प्रिय

क्युकिँ सुना है कि
कल रात
तुम्हारी आँखों में
फिर
प्यार के बरसात आये थे!!!"

-शशिष कुमार तिवारी
(20th April 2015, 1.35am, Delhi)

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