"मेरे इन्द्रधनुष"
दिल की बात शब्दों के रंग में...
Friday, January 23, 2015
"चाहता था सब कुछ कह दूँ
पर फिर रुका
ये सोच कर
कि जितना कहा
उतना ही कम तो न था
जितना न कहा
उतना समझने के लिए!!!"
-शशिष कुमार तिवारी
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