"मेरे इन्द्रधनुष"
दिल की बात शब्दों के रंग में...
Monday, April 14, 2014
बस दो पंक्तियाँ---
"अंधेरों ने रौशनी का कारोबार कर लिया है,
उजालों अब तो जागो कि शर्मशार कर दिया है!"
-शशिष कुमार तिवारी
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