बस दो पंक्तियाँ---
"तोड़ कर रिश्ता तुमसे कहा तक जायेंगे,
पंक्षी हैं शाम तक घोसलों में लौट ही आएंगे!"
-शशिष कुमार तिवारी
(15th April 2014, 4.46am, Kota)
"तोड़ कर रिश्ता तुमसे कहा तक जायेंगे,
पंक्षी हैं शाम तक घोसलों में लौट ही आएंगे!"
-शशिष कुमार तिवारी
(15th April 2014, 4.46am, Kota)
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