"मेरे इन्द्रधनुष"
दिल की बात शब्दों के रंग में...
Sunday, July 7, 2013
बस दो पंक्तियाँ---
बस दो पंक्तियाँ---
"फिर आज घर में दीया जलाया
दिल में जलाना भूल गए
वो फिर पैसों की अफरा-तफरी में
माँ को गले लगाना भूल गए।"
-शशिष कुमार तिवारी
(9.31pm, 7th July 2013 at Patna)
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