Monday, July 1, 2013

बस दो पंक्तियाँ---

"तुम आते तो मौसम और भी मदहोश हो जाते
थे बेहोश से जो ख्वाब उनमें होश आ जाते ...!"

-शशिष कुमार तिवारी
(12.35pm, 1st July at Patna)

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