गॉडफ़ादर मल्हन सर, सनी अरोरा जी और इबिज़ के 12 वीं वर्षगांठ को दिल से समर्पित पंक्तियाँ---
"इबिज़ कविता"
युग बीतेंगे
पर न बीतेगा ये दौर कभी इबिज़ का
हम मर जायेंगे पर अमर रहेगा
प्यार दिलों में इबिज़ का
जब इबिज़ करना तो दिल से करना
ये व्यापार नहीं बस पैसों का
ये संस्कृति है
संस्कार है
और प्यार हमारे आपस का
युग बीतेंगे
पर न बीतेगा ये दौर कभी इबिज़ का
हम मर जायेंगे पर अमर रहेगा
प्यार दिलों में इबिज़ का
जब बाधाएं आयें
और रोके तुमको
तब हथियार उठाना इबिज़ एथिक्स का
फिर बढ़ते जाना जुबां पे लिए
जयकार हमेशा इबिज़ का
युग बीतेंगे
पर न बीतेगा ये दौर कभी इबिज़ का
हम मर जायेंगे पर अमर रहेगा
प्यार दिलों में इबिज़ का
हम मिशन एक हैं
परिवार एक हैं
दिल एक हैं
धड़कन हैं
यूँ तो हमसबके गुरु बहुत हैं
पर महागुरु तो सिर्फ एक हैं
ये तो बस एक जीवन है
हमारा हर जनम हो इबिज़ का
हमारा हर जनम हो इबिज़ का
युग बीतेंगे
पर न बीतेगा ये दौर कभी इबिज़ का
हम मर जायेंगे पर अमर रहेगा
प्यार दिलों में इबिज़ का!!!
-शशिष कुमार तिवारी
"इबिज़ कविता"
युग बीतेंगे
पर न बीतेगा ये दौर कभी इबिज़ का
हम मर जायेंगे पर अमर रहेगा
प्यार दिलों में इबिज़ का
जब इबिज़ करना तो दिल से करना
ये व्यापार नहीं बस पैसों का
ये संस्कृति है
संस्कार है
और प्यार हमारे आपस का
युग बीतेंगे
पर न बीतेगा ये दौर कभी इबिज़ का
हम मर जायेंगे पर अमर रहेगा
प्यार दिलों में इबिज़ का
जब बाधाएं आयें
और रोके तुमको
तब हथियार उठाना इबिज़ एथिक्स का
फिर बढ़ते जाना जुबां पे लिए
जयकार हमेशा इबिज़ का
युग बीतेंगे
पर न बीतेगा ये दौर कभी इबिज़ का
हम मर जायेंगे पर अमर रहेगा
प्यार दिलों में इबिज़ का
हम मिशन एक हैं
परिवार एक हैं
दिल एक हैं
धड़कन हैं
यूँ तो हमसबके गुरु बहुत हैं
पर महागुरु तो सिर्फ एक हैं
ये तो बस एक जीवन है
हमारा हर जनम हो इबिज़ का
हमारा हर जनम हो इबिज़ का
युग बीतेंगे
पर न बीतेगा ये दौर कभी इबिज़ का
हम मर जायेंगे पर अमर रहेगा
प्यार दिलों में इबिज़ का!!!
-शशिष कुमार तिवारी
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