"मेरे इन्द्रधनुष"
दिल की बात शब्दों के रंग में...
Wednesday, June 12, 2013
बस दो पंक्तियाँ---
""आग बुझने के बाद भी धुवां अभी बाकि है
दिल टूटने के बाद भी दुवा अभी बाकि है
कुछ ऐसा ही होता है इश्क में अक्सर
कि मर जाने के बाद भी मर जाना अभी बाकि है।""
-शशिष कुमार तिवारी
(12.06pm, 13th June at Patna)
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