किसी की निगाहों में चाँद हम भी तो होंगे
दुवाओं में किसी की मांग हम भी तो होंगे
कहीं तो खुबसूरत है कोई जो इश्क करता है
उसके ख्यालों में चमकते हम भी तो होंगे
कोई तो गिन रहा होगा इंतजार की घड़िया
कि उसकी निगाहों में प्यार हम भी तो होंगे
खुदा ने खुद रची जब प्यार की इतनी बड़ी महफ़िल
लबों पे किसी के इज़हार हम भी तो होंगे
बनाता होगा कहीं कोई सपनों का महल अपना
उसके खुबसूरत घर का इक हिस्सा हम भी तो होंगे !
किसी की निगाहों में चाँद हम भी तो होंगे....
-शशिष कुमार तिवारी
(2.19pm, 31st May 2013 at Hazaribag)
दुवाओं में किसी की मांग हम भी तो होंगे
कहीं तो खुबसूरत है कोई जो इश्क करता है
उसके ख्यालों में चमकते हम भी तो होंगे
कोई तो गिन रहा होगा इंतजार की घड़िया
कि उसकी निगाहों में प्यार हम भी तो होंगे
खुदा ने खुद रची जब प्यार की इतनी बड़ी महफ़िल
लबों पे किसी के इज़हार हम भी तो होंगे
बनाता होगा कहीं कोई सपनों का महल अपना
उसके खुबसूरत घर का इक हिस्सा हम भी तो होंगे !
किसी की निगाहों में चाँद हम भी तो होंगे....
-शशिष कुमार तिवारी
(2.19pm, 31st May 2013 at Hazaribag)
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