Monday, February 18, 2013

 "बात इसकी नहीं"


तेरा छुप छुप के मुस्कुराना

मुझे अच्छा लगता है।

देख मुझे तेरा पलके झुकाना

मुझे अच्छा लगता है।

तू दौड़ के

आती है जब मेरी बांहों में

तेरा मुझसे लिपट जाना

मुझे अच्छा लगता है।

तेरा शरारत करना

मुझसे लड़ना झगड़ना

छोटी सी बात पे

यू बच्चों सा तेरा रूठ जाना

मुझे अच्छा लगता है।

तू कैसी है ?

प्रिये ! बात इसकी नहीं।

तेरा आना, तेरा होना

तुझे देखते रहना 

मुझे अच्छा लगता है

हाँ प्रिय! मुझे अच्छा लगता है!!!

-शाशिष कुमार तिवारी, 12.48PM, Today only!

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