इस से पहले कि साँसे रुक जाएँ
आ कुछ कदम साथ चल के देखते हैं
इस से पहले कि यादें मिट जाएँ
आ नैनों को फिर से रंग के देखते हैं
क्या हुआ कि दुनिया नाखुश है हमसे
आ खुद को खुद से खुश करके देखते हैं
इस से पहले कि सबकुछ बिखर जाए
आ खुद को खुद में सिमट कर देखते हैं
वैसे तो सबकुछ रह जायेगा येही
आ कुछ एहसास दिल से कमा के देखते हैं
इस से पहले कि दिल पत्थर हो जाए
आ इश्क दिल में सजा के देखते हैं
इस से पहले कि साँसे रुक जाएँ
आ हर बंदिस आज हटा के देखते हैं......!!!
आ कुछ कदम साथ चल के देखते हैं
इस से पहले कि यादें मिट जाएँ
आ नैनों को फिर से रंग के देखते हैं
क्या हुआ कि दुनिया नाखुश है हमसे
आ खुद को खुद से खुश करके देखते हैं
इस से पहले कि सबकुछ बिखर जाए
आ खुद को खुद में सिमट कर देखते हैं
वैसे तो सबकुछ रह जायेगा येही
आ कुछ एहसास दिल से कमा के देखते हैं
इस से पहले कि दिल पत्थर हो जाए
आ इश्क दिल में सजा के देखते हैं
इस से पहले कि साँसे रुक जाएँ
आ हर बंदिस आज हटा के देखते हैं......!!!
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