इक अजनबी सा इश्क उनसे हुआ क्यों है
दिल इस कदर उनसे मेरा लगा क्यों है
जब कुछ नही है इश्क सा उनके दिल में
फिर ये दिल उस दिल से इतना जुड़ा क्यों है
न जाने वक्त कहा ले के जायेगा इस रिश्ते को
इश्क के रिश्तों के रास्ते पे इतना धुआ क्यों है
न जाने हम मिले न मिले इस जनम में कभी
पर उसका न होना भी न जाने इश्क का होना क्यों है
दिल इस कदर उनसे मेरा लगा क्यों है
जब कुछ नही है इश्क सा उनके दिल में
फिर ये दिल उस दिल से इतना जुड़ा क्यों है
न जाने वक्त कहा ले के जायेगा इस रिश्ते को
इश्क के रिश्तों के रास्ते पे इतना धुआ क्यों है
न जाने हम मिले न मिले इस जनम में कभी
पर उसका न होना भी न जाने इश्क का होना क्यों है
No comments:
Post a Comment