बोल प्रिय !!!
कैसा दिखता हूँ बोल प्रिय
मैं तुझे तेरी यादों में
तू भूल गई या फिर याद तुझे है
जो कुछ बोला था
तुने अपनी बातों में
वो वादे जो किये थे तुने
बोल प्रिय तू कितना निभा पाई
कहा था छोड़ने को सबकुछ तुने
तो फिर वापस मुड़ के क्यों न आई
मैं करता रहा इंतज़ार तेरा
अपने हर दिन और हर रातों में
प्रिय !
मैं लेता रहा बस एक नाम तेरा
कभी यादों में कभी बातों में
न जाने क्या रही तेरी मज़बूरी
जो तुने ऐसा मेरे साथ किया
कभी मुझ बिन
तू इक पल न जी पाई
प्रिय !
फिर कैसे रिश्ता तुने काट दिया
अब खोजू मैं तेरा एहसास प्रिय
अपने हर रिश्ते और नातो में
कैसा दिखता हूँ बोल प्रिय
मैं तुझे तेरी यादों में...???
-शशिष कुमार तिवारी
कैसा दिखता हूँ बोल प्रिय
मैं तुझे तेरी यादों में
तू भूल गई या फिर याद तुझे है
जो कुछ बोला था
तुने अपनी बातों में
वो वादे जो किये थे तुने
बोल प्रिय तू कितना निभा पाई
कहा था छोड़ने को सबकुछ तुने
तो फिर वापस मुड़ के क्यों न आई
मैं करता रहा इंतज़ार तेरा
अपने हर दिन और हर रातों में
प्रिय !
मैं लेता रहा बस एक नाम तेरा
कभी यादों में कभी बातों में
न जाने क्या रही तेरी मज़बूरी
जो तुने ऐसा मेरे साथ किया
कभी मुझ बिन
तू इक पल न जी पाई
प्रिय !
फिर कैसे रिश्ता तुने काट दिया
अब खोजू मैं तेरा एहसास प्रिय
अपने हर रिश्ते और नातो में
कैसा दिखता हूँ बोल प्रिय
मैं तुझे तेरी यादों में...???
-शशिष कुमार तिवारी
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