Friday, April 25, 2008

लेकिन ...

हाँ मैं मानता हूँ
तुम्हारी बात
कि आज पैसों से
सब कुछ ख़रीदा जा सकता है
लेकिन तुम भी सुन लो
आज भी ऐसा बहुत कुछ है
जिसे पैसों के लिए
कभी बेचा नहीं जा सकता।

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